Sunday, November 6, 2011

हाल ऐ दिल - ३

यूँ ही तुम हमसे गिला ना करते,
यूँ ही हम तुमसे रुसवा ना होते !
निशानियाँ यह भी तो थी प्यार, इश्क और मोहब्बत की,
यह हम समजते, यह तुम समजते,
तो इस कदर ये दिल तन्हा ना होते !!

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